Tuesday, 18 April 2017

Healthy Habits For A Longer Life || आदतें जो आपके लंबे जीवन का करती हैं ...

आदतें जो आपके लंबे जीवन का करती हैं इशारा



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खुद को जवां समझने से आप एक स्वस् और लंबा जीवन जी सकते हैं।
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दोस्तों का साथ इस बात का इशारा करता है कि आपका जीवन लंबा होगा।
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अगर आप सामाजिक हैं, तो यह भी स्वस् और लंबे जीवन का इशारा है।
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वक् के साथ बदलते रहिये इससे आपको खुद को अधिक स्वस् रख सकते हैं।


बेशक, आप अपनी जिंदगी में कुछ और वर्ष जोड़ सकते हैं। कुछ आदतों, कुछ पसंद और कुछ प्राथमिकताओं को बदलकर आप एक लंबा और स्वस् जीवन जी सकते हैं। कई जरूरी फैसले जैसे धूम्रपान छोड़ना और वजन को काबू में रखना आदि आपके जीवन को स्वस् और लंबा बना सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप कॉफी के स्थान पर ग्रीन टी को अधिक तवज्जो दें, तो भी आप स्वयं को सेहतमंद बनाए रख सकते हैं।



यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी बातें, जो आपके लंबे जीवन की ओर इंगित करती हैं। ये सभी जीवनशैली संबंधी आदतें नहीं हैं, लेकिन हां आपकी पसंद जरूर हैं। और अगर आप इन्हें अपना चुके हैं, तो आप स्वयं की तारीफ कर सकते हैं।

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आप खुद को दस साल जवां महसूस करते हैं
स्वयं को जवां महसूस करना आपको कई चिकित्सीय परेशानियों से बचा सकता है। इसके साथ ही यह आपको चुनौतियों का सामना करने की नयी शक्ति भी देता है। इसके साथ ही यह आपके तनाव के स्तर को कभी कम रखता है और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
आपके कई दोस् हैं
सामाजिकता को जीवन बढ़ाने में काफी उपयोगी माना जाता है। इस बात के व्यापक प्रमाण मौजूद हैं कि जो लोग कम सामाजिक होते हैं, उनकी सेहत अक्सर खराब रहती है। वहीं दूसरी ओर, दोस् होना और समाज के लोगों से मिलना-जुलना आपकी सेहत के लिए काफी अच्छा होता है।

आप जीवन का आनंद उठाते हैं
जिंदादिल होना केवल आपको स्वस् जीवन देता है, बल्कि साथ ही आपकी जिंदगी को भी लंबा करता है। ऐसे लोग पार्टी में ज्यादा मजा तो उड़ाते ही हैं, लेकिन उनके लिए जीवन ही एक उत्सव होता है। इसके साथ ही ऐसे लोगों को कोरटिसोल नामक हॉर्मोन की वजह से होने वाले रोग डिमेंशिया से ग्रस् होने की शिकायत भी कम होती है। इस रोग में व्यक्ति की स्मरण शक्ति पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

पैदल चलते हैं
अगर आपको पैदल चलना पसंद है, तो आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस् और सेहतमंद रखता है। नियमित शारीरिक गतिविधियां हृदय रोग के खतरे को काफी कम कर देती हैं। इसके साथ ही शारीरिक सक्रियता कैंसर, मानसिक रोग और संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है।

आप घर पर काम करते हैं
अब यह बात आज के जीवन में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। घर पर सफाई, कपड़े धोना, बागवानी करना जैसी छोटी-छोटी आदतें आपको कई संभावित खतरों से बचा सकती हैं।
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आपको रसभरी पसंद हैं
रसभरी और इस जैसे फल पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। यह आपके दिल और फेफड़े को मजबूत रखने का काम करता है। यह फेफड़ों के कैंसर को बचाने का काम करता है। ये आहार फाइबर के उच् स्रोत होते हैं। रसभरी रक् में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करती है। इसके साथ ही इनसुलिन संवेदनशीलता को कम कर आपको लंबे समय तक मजबूत बनाये रखने का काम करती है।

आप ज्यादा चिंता नहीं लेते
चिंता को चिता के समान माना जाता है। कम चिंता करने वाले लोग अधिक लंबा जीते हैं। इसके साथ ही वे कई बीमारियों के संभावित खतरों से भी बचे रहते हैं। कई मानसिक और शारीरिक बीमारियों के लिए चिंता को प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। अगर आप चिंता से दूर रहते हैं, तो आप एक स्वस् और लंबा जीवन जी सकते हैं। 
आप वक् के साथ बदलते हैं
वक् के साथ बदलना आपको सेहतमंद रखने में मदद करता है। तकनीक के नये आविष्कारों के साथ सामंजस् बैठाने से आप खुद को मानसिक रूप से स्वस् रख सकते हैं। इससे आप खुद को अधिक जवां महसूस करते हैं। टि्वटर और फेसबुक जैसी नये जमाने के चीजों के साथ कदमताल करना आपको खुश रखने में भी मदद करता है।

आप खर्राटे नहीं लेते
खर्राटे आपकी सांस और सेहत के बीच गतिरोध का काम करती है। खर्राटे से ग्रस् व्यक्ति अनिद्रा अथवा सही प्रकार से नींद ले पाने की समस्या का शिकार हो जाता है। इससे उसे सांस लेने में भी परेशानी होती है।




अनुवांशिकता भी आपकी सेहत और जीवन पर व्यापक असर डालती है। इन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। लेकिन, आपका जिंदगी जीने का अंदाज काफी मायने रखता है। तो अगर आप स्वस् लंबा जीवन जीना चाहते हैं, तो स्वस् आदतें अपनायें।

Monday, 17 April 2017

मासिक धर्म से जुड़े मिथ, जानिए क्या है हकीकत || Myths related to menstru...

***मासिक धर्म से जुड़े मिथ, जानिए क्या है हकीकत***


 
यूं तो हर महिला को युवावस्था में ही मासिक धर्म शुरू हो जाता है लेकिन महिलाओं में माहवारी को लेकर कई मिथ रहते हैं। आइए, जानें मासिक धर्म (माहवारी) से जुड़े सबसे आम मिथ और उनके सच के बारे में।

मिथ- 1: मासिक रक्तस्राव गन्दा होता है।
मासिक धर्म होने का अर्थ है की लड़की या महिला अस्वच्छ हैं।

सत्य
शरीर से मासिक रक्तस्राव होना सामान्य है। यह गर्भाशय की परत के टूटने के कारण होता है।
मासिक धर्म, शरीर के गर्भावस्था के लिए तैयार होने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है न की शरीर से गन्दा या दूषित रक्त का निकालना। मासिक धर्म के बारे में कुछ भी गन्दा नहीं होता है।
अतः इस बात का कोई चिकित्सीय कारण नहीं है की आप स्कूल या किसी धार्मिक समारोह में नहीं जा सकती हैं या व्यायाम नहीं कर सकती हैं। सच्चाई तो यह है की ठीक समय पर मासिक धर्म होना आपके एक स्वस्थ व्यक्ति होने का संकेत है।
मिथ- 2: मासिक रक्तस्राव में बहुत रक्त का क्षय होता है। 
 
मिथ- 2: मासिक रक्तस्राव में बहुत रक्त का क्षय होता है।

सत्य
ऐसा महसूस हो सकता है या दिख सकता है की बहुत रक्त निकल रहा है पर ऐसा होता नहीं है।
ज़्यादातर महिलाओं में एक बार के मासिक रक्तस्राव में 2 से 6 चम्मच तक रक्त निकलता है। बाकी जो दिखता है वह गर्भाशय (यूट्रस) की परत के ऊतक होते हैं।

मिथ- 3: यदि मासिक धर्म नहीं हुआ तो आप गर्भवती हैं।

सत्य
किसी किशोरी का मासिक धर्म सामान्य होने में कुछ वर्ष लग सकते हैं। ऐसे में मासिक धर्म का न होना सामान्य हो सकता है। इसका सिर्फ़ यही अर्थ नहीं होता की आप गर्भवती हैं।

बेशक, यदि किसी लड़की ने असुरक्षित सेक्स किया हो और उनका मासिक धर्म न हो तो वे गर्भवती हो सकती हैं। ऐसे में गर्भावस्था की जाँच करवाना अच्छा विचार होगा।
मिथ- 4: मासिक धर्म के समय सेक्स करना अस्वास्थ्यकर होता है। 
 

मिथ- 4: मासिक धर्म के समय सेक्स करना अस्वास्थ्यकर होता है।

सत्य
मासिक धर्म के समय सेक्स करने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, इस बात का कोई चिकित्सीय कारण नहीं है। पर यदि कोई आप असुरक्षित सेक्स करती हैं तो यौन संचारित रोग (सेक्सुअली ट्रान्समिटेड डिज़ीज़) हो सकता है।

मिथ- 5: यदि मासिक धर्म हो रहा हो तो आप गर्भवती नहीं हो सकती हैं।

सत्य
यह सत्य है की मासिक धर्म के दौरान सेक्स करने से गर्भावस्था की संभावनाएँ कम होती हैं। पर इसकी कोई गारंटी नहीं है। मासिक धर्म होने का अर्थ है की गर्भाशय की परत टूट कर बाहर निकल रही है पर इसका यह अर्थ नहीं है की कोई डिम्ब परिपक्व होकर शुक्राणु का इंतज़ार नहीं कर रहा है।

कुछ अन्य तथ्य:
सिक धर्म का अर्थ है, लगभग एक महीने में एक बार योनि से रक्तस्राव होता है। यह 4 से 6 दिनों तक होता है। ज़्यादातर लड़कियों में मासिक धर्म 11 से 16 वर्ष की आयु के बीच शुरु हो जाता है। तनाव, नियमित भारी व्यायाम या लम्बी बीमारी के कारण मासिक धर्म शुरु होने में देरी हो सकती है।


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Thursday, 13 April 2017

इन्हें ताकत की दवा समझने की भूल कभी न करें
• पुरुषों की यह गलती संतान को देती है मोटापा 
• बाजार में चाट खाएं मगर धनिया के पत्ते न डलवाएं 
• चर्बी घटाने के लिए जरूर करें डाइट में यह बदलाव 
शारीरिक क्रियाएं सामान्य रूप से चलें, इसके लिए शरीर को विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है। कैंसर और दिल की बीमारियों समेत यह कई तकलीफों से हमें बचाए रखते हैं। 

अगर हमारे भोजन में कई किस्मों के हेल्दी फूड हों, तो शरीर की विटामिन और मिनरल की जरूरत पूरी हो जाती है। लेकिन ज्यादातर लोग ताकत की दवा समझकर बिना किसी परामर्श के मल्टी-विटामिन का सेवन करते हैं, जो कि गलत है। 

शरीर में कुछ खास लक्षणों के आधार पर डॉक्टर विटामिन की दवा लेने के लिए परामर्श देते हैं। आमतौर पर पौष्टिक तत्वों से भरपूर भोजन लेने पर शरीर में विटामिन और मिनरल की जरूरत अपने आप पूरी हो जाती है।

डायग्नोसिस के समय शरीर के विशेष अंगों में प्रभाव देखने पर ही डॉक्टर आयरन, फॉलिक एसिड और बी-12 जैसे विटामिन का सेवन करने का परामर्श देते हैं। 

एनीमिया और नर्व्स में कमजोरी देखने पर बी-1, बी-2, बी-6 और बी-12 लेने का परामर्श दिया जाता है। हड्डियों में दर्द, लिगामेंट में कमी, फ्रेक्चर जैसी समस्याएं देखने पर मरीज को विटामिन-डी के सेवन का परामर्श देने के साथ यह भी बताया जाता है कि शरीर में विटामिन-डी अवशोषित कैसे हो। 

आंखों की रोशनी में कमी को विटामिन-ए की कमी से जोड़कर देखा जाता है। हमारे लिगामेंट, मसल्स के सही तरह से काम करने के लिए शरीर में विटामिन-सी पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में दर्द और मसूड़ों से खून आने जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।

प्रेगनेंसी की अवस्था में शरीर में कुछ तत्वों की कमी हो सकती है। कुछ रिसर्च में कहा गया है कि स्थान विशेष से ताल्लुक होने के कारण नॉन वेज डाइट नहीं लेने पर कुछ महिलाओं में बी-12 और फॉलिक एसिड की कमी हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर इस कमी को पूरा करने के लिए दवाएं देते हैं। 


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